Sunday 26 August 2007

हैदराबाद में धमाका 42 की मौत

आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में 25 अगस्त की शाम को हुए बम धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़ कर कर 42 हो गई है. धमाकों के पीछे किसी आंतकवादी संगठन का हाथ बताया जा रहा है। लेकिन इसके पीछे कोई विदेशी हाथ है या नहीं इसके कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले है।हालांकि राज्य के गृहमंत्री के जेना रेड्डी ने इस विस्फोट के पीछे पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का हाथ होने की आशंका जताई है। साथ हीं जानकार बताते हैं कि हरक़तुल अल जेहादी अल इस्लामी (हूजी)और लश्करे तैयबा की उपस्थिति इस इलाक़े में रही है।
ये धमाके लुम्बिनी पार्क और गोकुल चाट भंडार में हुए। चारो ओर मातमी माहौल था। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि ऐसे माहौल में क्या करें और क्या न करें। इन दो धमाकों के कुछ हीं देर बाद दिलसुक नगर और मलकपेट के इलाक़ों में जीवित बम मिले जिससे चारो ओर हड़कंप मच गया. ये बम रात लगभग साढ़े नौ बजे फटने वाले थे। यदि ये बम विस्फोट हो जाता तो मरने वालों की तादाद काफी बढ जाती।
पुलिस का कहना है कि विस्फोटक पदार्थ नागपुर से लाए गए थे और इन्हें टाइम बम की शक्ल में रखा गया था.इस घटना के पीछे बिलाल का हाथ बताया जाता है।कुछ महीने पहले हैदराबाद के ही मक्का मस्जिद धमाके और अन्य आंतकवादी घटनाओं में भी बिलाल का नाम आता रहा है.धमाके से पहले पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था जिसके पास से दो करोड़ से अधिक के नकली रुपये बरामद हुये। इनमें से एक सऊदी अरब का रहने वाला है।

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