Tuesday 29 January 2008

हो सकती है हत्या आडवाणी और मोदी की

भाजपा के दो नेता लाल कृष्ण आडवाणी और नरेन्द्र मोदी की हत्या की जा सकती है। ऐसी चर्चा जोरों पर है। कहा जा रहा है कि ‘रॉ’ ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को खबर दी है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम पाकिस्तान की खुफिया ऐजेंसी आई एस आई के शह पर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार भाजपा नेता आडवाणी और गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी की हत्या करवा सकता है।
पाकिस्तान इन दिनों खुद के तैयार किये हुये आंतकवादियों से परेशान है। इस लिये संभवत: पाकिस्तान के लोगों का ध्यान समास्याओं की ओर से हटाने के लिये भारत में बड़े नेताओं की हत्या करवाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिये उसे दाउद से बढिया मोहरा नहीं मिल सकता क्योंकि दाउद इन दिनों पाकिस्तान की खुफिया ऐजेंसी आई एस आई की मर्जी के खिलाफ पूरे परिवार के साथ कहीं भी आ – जा नहीं सकता है इस लिये दाउद इब्राहिम का अगर कोई बॉस है तो वह आईएसआई प्रमुख हीं है।ऐसे में दाउद इब्राहिम के लिये आईएसआई की बात को नहीं मानना आसान नहीं होगा।
जानकार बताते हैं कि 1992-93 मुंबई दंगे के बाद भी आडवाणी की हत्या करवाने की चर्चा हुई थी लेकिन दाउद ने इसके लिये हरी झंडी नहीं दी थी। उस समय दाउद अपने मन का मालिक था लेकिन आज दाउद के ऊपर आईएसआई है। इसलिये किसी भी अनहोनी को नकारा नहीं जा सकता।

Monday 28 January 2008

बंद कमरे की तस्वीरें पत्रिका में छपवाना क्या अपराध नहीं है ?

मलैका अरोड़ा खान हमेशा सुर्खियों में रहना चाहती हैं शादी के बाद भी। चाहे अंग प्रदर्शन हीं क्यों न करना पड़े। मलैका को अंग प्रदर्शन करने में कुछ भी गलत नहीं दिखता। इसलिये वह खुशी खुशी से अंग प्रदर्शन वाली तस्वीरें पेश कर लोगों को आकर्षित करती रहती हैं। उन्होंने अपनी हॉट और सेक्सी तस्वीरें दी है मैक्सिम पत्रिका को । एक झलक -







Friday 25 January 2008

कॉन्ट्रेक्ट किलर ब्रजेश सिंह की गिरफ्तारी से अपराध और राजनीति जगत में हलचल

कॉन्ट्रेक्ट किलर ब्रजेश सिंह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ ही गया। उसे 24 जनवरी को उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया। बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली और मुंबई पुलिस से बचने के लिये उसने सिंगापुर को अपना ठिकाना बनाया और दो महीने पहले हीं वह सिंगापुर से भुवनेश्वर पहुंचा। जब ब्रजेश भुवनेश्वर के बड़ा बाजार में चहल कदमी कर रहा था तभी दिल्ली पुलिस और उड़ीसा के पुलिस ने ब्रजेश को अपने कब्जे में ले लिया। उस समय पुलिस को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा क्योंकि पुलिस वाले सिविल कपड़े में थे इसलिये लोगों को लगा कि ब्रजेश का कुछ लोग अपहरण कर रहे हैं। बाद में सच्चाई जानने के बाद लोग शांत हो गये। हुलिया बदलने में माहिर ब्रजेश के भुवनेश्वर में रहने से यही कयास लगाया जा रहा है कि इस बार किसकी हत्या होने वाली थी।
उसके गिरफ्तारी से अपराध जगत और राजनीति की दुनिया में खलबली मची हुई है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी का रहने वाला ब्रजेश सिंह के खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज हैं जिनमें हत्या, अपहरण जैसे भी मामले हैं। ब्रजेश 1985 में अपने पिता के हत्यारे की हत्या करने के बाद जुर्म की दुनिया में पहला कदम रखा फिर मुड़ कर कभी नहीं देखा। 22 सालों बाद पुलिस के कब्जे में आया ब्रजेश सिंह कभी भी माफिया सरगना नहीं बन सका लेकिन वह अपराध जगत में एक खूंखार कॉन्ट्रेक्ट किलर के रुप में जाना जाता रहा। अपराध जगत में हमेशा चर्चित रहने वाला ब्रजेश कभी भी किसी का विश्वसनीय नहीं रहा और न हीं कभी भी किसी पर विश्वास किया चाहे उसे कोई लाखों रुपये का फाइनेंस ही क्यों न करता रहा हो।
उत्तर प्रदेश में वह कभी वहां के बाहुबली हरि शंकर तिवारी से जुड़ा तो कभी मुख्तार अंसारी से तो कभी अतीक अहमद से। पिता के हत्यारे की हत्या करने के बाद भी लोग उसे अपराधी नहीं मानते थे लेकिन ब्रजेश अपराध जगत की ओर बढ चुका था। उसका नाम 1992 में जोरदार तरीके से अपराध जगत में सामने आया। जब उसने अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खास आदमी सुभाष ठाकुर के साथ मिलकर मुंबई के जे जे हॉस्पीटल में गोलीबारी की जिसमें शैलेष हलदनकर, सिपाही के पी भनावत और सी जे जेवसन की मौत हो गई। दरअसल शैलेष और विपिन सेरे ने दाउद इब्राहिम के बहनोई इब्राहिम पारकर की हत्या कर दी थी ये लोग गिरफ्तार होने के बाद हॉस्पीटल में भर्ती था जहां दाउद के इशारे के बाद बदला लिया गया। इस हत्याकांड के बाद ब्रजेश का नाम दाउद इब्राहिम के साथ जुड़ गया।
ब्रजेश अपनी आमदनी के लिये कोयले और लोहे के धंधे में पैर जमाने का फैसला किया लेकिन इसके लिये उसे उत्तर प्रदेश का कोयला मंडी और धनबाद के कोयला पर पकड़ होनी जरुरी थी लेकिन ब्रजेश के लिये यह काम आसान नहीं था क्योंकि धनबाद जिले में एक से बढकर एक कोयला माफिया है जिनसे मुकाबला करना ब्रजेश के बूते की बात नहीं थी इस लिय़े ब्रजेश ने सुपाड़ी लेकर हत्या करने का फैसला किया। इस खेल में उसने उत्तर प्रदेश के बाहुबलियों पर भी गोली बारी की लेकिन उसने धनबाद जिले में कोयला के खेल में शकल देव सिंह, विनोद सिंह, संजय सिंह को मौत की नींद सुला दी । मारे गये लोग कोयला जगत के बाहुबली थे। बताया जाता है कि इन हत्याओं का कॉन्ट्रेक्ट करोड़ो का था। आरजेडी नेता राजू यादव की हत्या में भी ब्रजेश का हीं नाम सामने आया।
बहरहाल गिफ्तारी के बाद बाहुबलियों में हड़कम मचा हुआ है। उससे जुड़े हर नेता को डर सता रहा कि पता नहीं कहीं बर्जेश सिंह ने उसका नाम ले लिया तो क्या होगा? लोग यही कहते हैं कि भाजपा के टिकट पर अपने भाई चुलबुल सिंह को विधान परिषद सदस्य बनवाने में भी ब्रजेश का ही हाथ था।

Wednesday 2 January 2008

मुंबई में गैंग रेप की कोशिश

31 दिसंबर की रात सारी दुनियां नये वर्ष की जश्न में डूबी थी चारों ओर खुशी का माहौल था। मुंबई में भी लोग मस्ती मे थे। ऐसे में कुछ गुंडे प्रवृति के लड़को ने लड़कियों के साथ ऐसा व्यवहार किया कि जो क्षमा के लायक नहीं। भीड़ का एक हिस्सा लड़कियों के कपड़े उतारने लगा। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिये हैं। ऐसे गुंडों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाई होनी चाहिये।