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Wednesday, 31 December 2008

धोनी को दाऊद के नाम पर धमकी, सुरक्षा व्यवस्थी और कड़ी की गई

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को धमकी दी गई है कि वह 50 लाख का इंतजाम कर ले नहीं तो अच्छा नहीं होगा। तुम्हारे परिवार को मार दिया जायेगा। यह धमकी रांची स्थित उनके घर पत्र भेजकर दी गई है। उन्हें कुल दो पत्र मिले हैं। पहले पत्र में धमकी था तो दसूरे में धमकी के साथ हिदायत थी कि पहले पत्र की धमकी को यू न हीं लें।

धमकी देने वालों ने अपने आपको अंडरवर्लड डॉन दाऊद का आदमी बताया है। इस मामले की झारखंड पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। महेंद्र सिंह धोनी की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। राज्य के उप मुख्यमंत्री ने सुधीर महतो ने कहा है कि धोनी की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं की जायेगी। धोनी की सुरक्षा में महिला पुलिस को भी लगाया गया है ताकि लडकियां उन्हें बेवजह परेशान न कर सके।


धोनी के परिवार को पहला पत्र 29 दिसंबर को मिला और दूसरा 31 दिसंबर यानी आज मिला। रांची की एस एस पी संपत मीणा ने कहा इस पत्र के पीछे किसी लोकल गुंडा का षडयंत्र मालूम पड़ता है। लेकिन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन तेज कर दी गई है।

Thursday, 15 May 2008

आमिर खान मानसिक रूप से बीमार

फिल्मी दुनिया के हीरो आमिर खान मानसिक रूप से बीमार हो गये। घर परिवार नहीं बसने के कारण आमिर खान बेहद परेशान हैं। तनाव को कम करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन नाकामी ही मिल रही है। पारिवारिक जीवन भी सुखद नही है और फिल्मी दुनियां में भी आमिर अलग थलग पड़ चुके हैं। ऐसा मानना है फिल्म समीक्षको का।

आमिर अपने छोटे भाई फैज़ल खान के बारे में कहते है कि उनका मानसिक स्थिति अच्छा नहीं है जबकि फैजल का मानना है कि वह बिल्कुल सही है। अब फैजल की बातो में दम लगने लगा है कि वह सही है। मुझे लगता है कि आमिर खान मानसिक रूप से बीमार है यदि ऐसे नहीं होता तो वे कभी भी अपने कुत्ते का नाम शाहऱूख नहीं रखते।

आमिर ने अपने ब्लॉग में अपने कुत्ते का नाम शाहरूख बताया है। आप सभी जानते है कि शाहरूख खान एक बढिया हीरो है। फिल्म के अलावा टीवी और क्रिकेट की दुनियां में शाहरूख छाये हुए हैं। आमिर के पास उतना काम नही जितना शाहरूख के पास है। इस बात को लेकर आपसी जलन हो सकती है लेकिन कोई आम इंसान ऐसी हरकत नहीं करेगा कि देश दुनिया में चर्चित एक अच्छे इंसान के नाम को अपने कुत्ते का नाम दे दे।

आमिर खान ने अपने ब्लॉग में क्या लिखा -' मैं एक पेड़ के नीचे अपनी अम्मी और जुनैद के साथ बैठा गेम खेल रहा हूं और शाहरुख मेरे पांव चाट रहा है। मैं बीच-बीच में शाहरुख को बिस्किट्स दे रहा हूं। इससे ज्यादा और मुझे क्या चाहिए ? इससे पहले कि आप किसी निष्कर्ष पर पहुंचें , मैं आपको बता दूं कि शाहरुख एक कुत्ते का नाम है। इस कुत्ते का नाम शाहरुख रखने में मेरा कोई हाथ नहीं है। '
इसके अलावा और भी बातें आमिर ने लिखा है। इसस पहले आमिर ने शाहरूख खान को बॉलीवुड का नम्बर दो हीरो बताया था। लेकिन शाहरूख खान ने उस समय भी और आज भी शाहरूख को कोई जवाब नहीं दिया। आमिर खान जिस तरह की हरकते कर रहे है उससे यही लगता है कि उनकी मानसीक स्थिति अच्छी नही हैं। अब यही लगने लगा है कि आमिर का भाई फैसल बिल्कुल सही हालात में है और बीमार आमिर खान है। आमिर को इलाज की जरूरत है।

Sunday, 30 March 2008

गुजरातियों को मुंबई छोड़कर जाने की धमकी

यदि गुजराती लोग मराठियों का सम्मान नहीं कर सकते हैं तो मुंबई छोड़कर चले जायें। यह बयान दिया है एनसीपी की प्रवक्ता और नगर सेविक विद्या चौहान ने। विद्या चौहान ने कहा कि मराठी लोगों के साथ गुजराती लोग अच्छा व्यवहार नहीं करते। मराठी महिलाओं को नौकरानी कहा जाता है। उनके लिये सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। विद्या चौहान के बयान बाजी पर कोर्ट ने रोक लगा दिया है. जब यह विवाद बढा तो विद्या चौहान ने कहा कि उन्होने ऐसा कहा हीं नहीं है। उनका कहने का यह आशय था कि जो गुजराती गुंडे हैं और मराठी महिलाओं के साथ रेप करने की बात करता है। उन्हें परेशान करता है उनके लिये कहा है।
बहरहाल मुंबई समेत महाराष्ट्र में मराठीवाद को लेकर बयानबाजी किसी न किसी रुप में जारी है। गुजराती समुदाय को मुंबई छो़ड़ कर जाने की हिदायत देने से पहले उत्तर भारतीयों के साथ भी ऐसा हीं हुआ था। मनसे नेता राज ठाकरे और शिव सेना उत्तर भारतीयों के खिलाफ राग अलापते रहते हैं। होली के दिन भूमिपुत्र के नाम पर स्थानीय लोगों ने जैन महिलाओं पर गुब्बारे फेके। विरोध करने पर उनके बिल्डिंग में घुस कर उनके साथ मारपीट की गई। पथराव किए गये । जैन मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया। बाद में जैन समुदाय के लोगों ने रैली निकाली और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की तब जाकर मामला ठंडा हुआ।
पता नहीं अपने हीं देश में परप्रांतियों का मामला कब तक चलेगा। लोग सवाल उठाने लगे हैं कि यही हाल रहा तो उत्तर-पूर्व राज्यों, जम्मू कश्मीर के आंतकवादी संगठनों और महाराष्ट्र के वे संगठन जो हिंसा का माहौल तैयार कर रहें उनमें क्या फर्क रह जायेगा।

Wednesday, 6 February 2008

पुलिस कमिश्नर की पुत्री की शादी में राज ठाकरे

नफरत की बीज बोने वाले मनसे नेता राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस कमिश्नर धंनजय जाधव की बेटी की शादी में शामिल होकर यह जता दिया है कि मुंबई पुलिस उसके साथ है। और ये मैसेज उसके समर्थकों तक भी पहुंच चुकी है कि पुलिस से घबराने की जरुरत नहीं है। यदि उत्तर भारतीय को पिटते समय पकड़े भी जाओगे तो बाद में पुलिस तुम्हें छोड़ देगी या सिर्फ हल्का केस दर्ज करेगी ताकि जमानत हाथों हाथ हीं हो जाये। और पुलिस ऐसा करते भी आ रही है। अब तो राज के समर्थकों का मनोबल और भी बढ जायेगा।
मुंबई में शांति भंग करने, उत्तर भारतीयो के साथ मारपीट और राज्यों के बीच नफरत फैलाने वाले मनसे नेता राज ठाकरे के खिलाफ FIR दर्ज है लेकिन पुलिस उसके आव भगत में लगी रही। ये तो सभी लोगो ने देखा पुलिस कमिश्नर की पुत्री की शादी में। यहां राज ठाकरे के स्वागत में लगे पुलिस वाले लाइन से लगे थे। अब न्यायलय पर हीं भरोसा है कि राज के आंतक को कम करे। यदि ऐसा नहीं होता है तो लोगों का पुलिस और न्यायलय़ पर से विश्वास उठ जायेगा और लोग खुद ही अपनी सुरक्षा के लिये हथियार उठा लेगें। इस स्थिति में महाराष्ट्र पुलिस महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय को मारने पिटने में राज को मदद तो करेंगे लेकिन राज्य से बाहर महाराष्ट्र के रहने वाले निर्दोष लोग भी सुरक्षित नहीं रह पायेंगे। और वो दिन देश के लिये दुर्भाग्य का दिन होगा।

Tuesday, 5 February 2008

राज ठाकरे के गुंडो में पुलिस वाला भी शामिल करे तो क्या करें उत्तर भारतीय

राज ठाकरे के समर्थकों की गुंड़ा-गर्दी की खबर पुलिस को मिल चुकी थी लेकिन पुलिस आंख मुंदी रही। उत्तर भारत के गरीबों को मार पीटा जा रहा था दूर खड़ी पुलिस तमाशा देख रही थी। पुलिस वाले मस्ती में थे और मार खा रहे गरीबो पर हंस रहे थे। लेकिन उन्हें जैसे खबर मिली की उत्तर भारतीय हिंसात्मक कार्रवाई कर सकते हैं पुलिस सकते में आ गई। हर चौराहे पर पुलिस तैनात कर दिया गया। इस लिये नहीं कि वे दंगे को नियंत्रण करेंगे बल्कि राज ठाकरे के गुंडे को सुरक्षा देने की मकसद से पुलिस तैनात की गई थी। जब तक गुंडे गरीबों को पिटते रहे पुलिस वाले मस्ती करते रहे लेकिन जैसे ही गरीब आदमी(उत्तर भारतीय) अपने आपको बचाने के लिये हाथ पांव चलाना शुरु किया तो पुलिस वाले उस गरीब को जमकर पिटते। और राज के गुंडे को कहते कि तुम्हारा काम हो गया। फिर गुंडों की झुंड थोड़ी दूर पर जाकर यही कहानी दोहराते। असल में पुलिस राज के गुंडों को हर तरह से मदद कर रही थी। कुछ को उन्होने गिरफ्तर तो किया लेकिन उनके खिलाफ मामुली आरोप लगाये जिसे तुंरत ही जमानत मिल गई।

Monday, 4 February 2008

पुलिस भी पिटाई कर रही है उत्तर भारतीयों की

मुंबई में कानून को हाथ में ले रहे लोगों पर लगाम कसने की जिम्मेदारी मुंबई पुलिस की है, लेकिन आप तब क्या कहेंगे जब खुद पुलिस के ही लोग गुनहगारों का साथ देने लगें। रविवार को राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस के लोग निहत्तथे, गरीब लोगों को घेर घेरकर मुंबई की सडकों पर पीट रहे थे। दादर में भी ऐसी ही दरिंदगी प्रदर्शित कर रहे एमएनएस कार्यकर्ताओं ने एक उत्तर भारतीय को पकड कर बेरहमी से पीटना शुरू किया। इसी दौरान पुलिस की एक वैन वहां पहुंची। इस आदमी ने ये सोचकर राहत की सांस ली कि अब वो बौखलाए लोगों के लात घूंसों से बच जायेगा, पर पुलिस ने उसे बचाने के बजाय खुद अपने कब्जे में लेकर उसे पीटना शुरू कर दिया और जबरन अपनी वैन में ठूंसने की कोशिश करने लगे। ये बेचारा चिल्लाते रहा ...साहब गरीब आदमी हूं..छोड दीजिये... पर पुलिस का दिल जरा भी नहीं पसीजा, वैन के अंदर भी पुलिस कर्मियों ने उसकी पिटाई की। इस आदमी को वैन में ठूंसने के बाद पुलिस अधिकारी ने एमएनएस क्रायकर्ताओं की भीड से जो कहा वो चौंकाने वाला था। स्पीकर पर मराठी में उस अधिकारी ने कहा- चलिये अब आप का काम हो गया। पुलिस की ओर से ही अपना काम होते देख एमएनएस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड गई और वे तालियां बजाने लगे।

Wednesday, 2 January 2008

मुंबई में गैंग रेप की कोशिश

31 दिसंबर की रात सारी दुनियां नये वर्ष की जश्न में डूबी थी चारों ओर खुशी का माहौल था। मुंबई में भी लोग मस्ती मे थे। ऐसे में कुछ गुंडे प्रवृति के लड़को ने लड़कियों के साथ ऐसा व्यवहार किया कि जो क्षमा के लायक नहीं। भीड़ का एक हिस्सा लड़कियों के कपड़े उतारने लगा। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिये हैं। ऐसे गुंडों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाई होनी चाहिये।