Sunday 30 September 2007

हत्या हो सकती थी उप मुख्यमंत्री की

धनबाद से कुंदन सिंह
झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और झारखंड के उप मुख्यमंत्री सुधीर महतो के काफिले पर हमले की नाकाम कोशिश की गई।श्री महतो विनोबा भावे विश्वविधालय में आयोजित एक युवा महोत्सव में भाग लेकर धनबाद से जमशेदपुर लौट रहे थे। रास्ते में पश्चिम बंगाल में पुरुलिया और बलरामपुर के बीच जैसे ही सुधीर महतो की गाड़ी पहुंची उनकी गाड़ी पंक्चर हो गई। ये पंक्चर एक प्लान के तहत बिछाई गई कील से हुई। यह मामला रात के साढे ग्यारह बजे के आसपास की है। खतरे को भांपते हुये सुरक्षा बलों ने अपराधियों से मुकबला करने के लिये पोजिशन ले ली। तब जाकर वे लोग भाग खड़े हुये जो लोग किसी घटना को अंजाम देने की मकसद से रास्ते में कीलें बिछाई थीं। अनुमान के आधार पर कहा जा रहा है कि सड़क लुटेरा गिरोह के सदस्यों ने लूट की घटना को अंजाम देने की कोशिश के तहत सड़क पर कीलें बिछाई होंगी। चर्चा यह भी है कि यह योजना सुधीर महतो की हत्या की साजिश के तहत किया गया था लेकिन इस बात के अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलें है। उल्लेखनीय है कि इसी साल 4 मार्च को झामुमो नेता और सासद सुनिल महतो की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी । इस लिये इस घटना की जांच पुलिस हर तरह से कर रही है। बहरहाल रात में हीं श्री महतो को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जमशेदपुर पहुंचा दिया गया।

Friday 21 September 2007

तबादले करवा सकते हैं जनप्रतिनिधि

सांसदों और विधायको से अब सरकारी कर्मचारियों को अच्छे संबंध बनाकर रखने होंगें क्यों कि विधायक या सांसद की सिफिरिश पर सरकारी कर्मचारियों का तबादला हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों की शिकायतों को सामने लाना जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है और किसा कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत है तो उसका तबादला राज्य सरकार के अधिकार में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद के कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद मसूद अहमद की अपील को खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी।

Thursday 20 September 2007

ओसामा ने धमकी दी मुशर्रफ को

एक कहावत है कि यदि कोई किसी के लिये गढा खोदता है तो प्रकृति उसके लिये खाई का इंतजाम कर देती है। यह कहावत पाकिस्तान के लिये सटीक है। आंतकवाद को संरक्षण देने वाला देश पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ अलकायदा ने युद्ध का ऐलान किया है। पाकिस्तान हमेशा नकारात्मक कामों को बढवा देता रहा खास कर भारत के खिलाफ। भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने आंतकवादियों को इतना अधिक मदद किया और कर रहा है कि भारत में आये दिन बम धमाके हो जाते हैं। दुनियां में पाकिस्तान को आंतकवादियों की राजधानी कहा जाने लगा। लेकिन आज पाकिस्तान दोराहे पर है। कहा जाने लगा है कि पाकिस्तान एक और विभाजन की और बढ रहा है। इसका संकेत खुद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्र नवाज शरीफ दे चुके है। उन्होंने यह भी कहा है कि सेना से टकराव भी संभव है। उधर आंतकवादी संगठन अलकाय़दा ने भी पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को धमकी दी है। यानि राष्ट्रपति मुशर्रफ पाकिस्तान के नेताओं के साथ साथ आंतकवादियों के निशाने पर भी हैं। वहीं मुशर्रफ को अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। अमेरिका चाहता है कि जब तक ईरान का मामला निपट न जाये तब तक परवेज मुशर्रफ का राष्ट्रपति बने रहना बेहद जरुरी है। और साथ हीं अलकायदा से जुड़े आंतकवादियों का सफाया करते रहें। लाल मस्जिद में सैन्य कार्रवाई मामले में, अमेरिका ने मुशर्रफ की तारीफ की थी, वहीं अलकायदा ने धमकी दी।
आंतकवाद को बढावा देने वाला देश पाकिस्तान आज खुद आंतकवाद के चंगुल में है। मुशर्रफ - यदि अमेरिका का साथ देता रहा तो अलकायदा पाकिस्तान में तबाही मचाता रहेगा, ब्लुचिस्तान और पंजाब इलाके में औसामा बिन लादेन जनरल मुशर्रफ से अधिक लोकप्रिय है। और यदि अमेरिका का साथ छोड़ता है तो मुशर्रफ कितने दिनों तक अपने पद पर बने रहेंगै कहा नहीं जा सकता। ऐसे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश इफ्तकार चौधरी प्रकरण और लाल मस्जिद के मामले ने पाकिस्तान को दो भागों में बांट दिया है।

Sunday 16 September 2007

पुलिस की मौजूदगी में वकील की हत्या

झारखंड के जमशेदपुर में अरविंद गुहा ने अपने ही वकील सुधान चटर्जी की हत्या कर दी। यह हत्या उसने पुलिस की मौजूदगी में की और इसमें अरविंद गुहा की पत्नी ने भी अपने पति का साथ दिया। हत्या का आरोपी अरविंद गुहा का कहना है कि संपति विवाद को लेकर उसका और उसके भाई के बीच विवाद चल रहा था और यह मामला न्यायलय में है। लेकिन मेरा वकील सुधान चटर्जी ने मुझसे गदारी कर मेरे भाई से साठगांठ कर लिया और मुझे न्यायलय में हरवा दिया।
इस घटना के बारे में कहा जा रहा है कि वकील सुधान को अरविंद पिछले एक माह से ज्यादा समय तक बंधक बना कर रखा तो इतने दिनों तक पुलिस क्या कर रही थी? ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि यदि वकील ने अपने क्लाइंट के साथ धोखा किया तो क्या यह उचित है? बहरहाल हत्या को किसी भी तरह सही नहीं कहा जा सकता। यदि सुधन को कोई शिकायत थी अपने वकील से, तो उसके खिलाफ न्यायलय में शिकायत की जा सकती थी। न्यायलय में इसके लिये भी व्यवस्था है।सही पाये जाने पर सुधान के खिलाफ न्यायलय ज़रुर कार्रवाई करती। लोगों के साथ न्याय हो इसके लिये ज़रुरी है कि वकील, पुलिस और प्रशासन सभी को न्याय संगत काम करना होगा अन्यथा इस तरह के अपराध को रोक पाना काफी मुश्किल होगा।

Thursday 13 September 2007

10 लोगों की निर्मम हत्या

बिहार राज्य के वैशाली ज़िले में ग्रामीणों ने 10 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला। मारे गये लोगों के बारे में ग्रामिणों का कहना है कि ये लोग चोरी करने गाँव पहुँचे थे. इस मामले में पुलिस ने दो केस दर्ज किये। पहला ग्रामीणों की ओर से चोरी करने का और दूसरा केस अज्ञात लोगों के खिलाफ कथित चोरों की हत्या का। इस बारे में वहां की पुलिस अधिकारियों कहना है कि अपने जान माल की रक्षा करना गांव वालों का अधिकार है लेकिन हिंसक कार्रवाई करना गैर कानूनी है । बताया जा रहा है कि कुल 11 लोग चोरी करने पहुंचे जिसमें से 10 लोगो को मार डाला गया, एक की हालत खराब है। इस घटना पर गांव वालों का कहना है कि इलाके में चोरी की घटनायें बढ गई थीं। पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी। इस लिये गांव वालों ने कठोर कदम उठाये। ऐसे में सवाल यह उठता है कि गावों में लगातार चोरी की शिकायत के बाद पुलिस ने चोरी रोकने के लिये ठोस कदम क्यों नहीं उठायी ? बहरहाल घटना के पांच घंटे बाद पहुंची पुलिस। और इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

Friday 7 September 2007

महेश भट्ट को अंडरवर्ल्ड की धमकी

फिल्म निर्माता महेश भट्ट, मुकेश भट्ट और पूजा भट्ट को डॉन रवि पुजारी ने जान से मारने की धमकी दी। भारत से बाहर रह रहे (संभवत: मलेशिया) डॉन पुजारी का कहना है कि महेश भट्ट का डी कंपनी से संबध हैं। पुजारी ने दावा किया कि महेश भट्ट पर जो हमला पिछले दिनों हुआ था उसी ने करवाया। महेश भट्ट से 10 करोड़ रुपये की मांग की गई है लेकिन इस बात कि पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। महेश भट्ट का कहना है कि उसका कोई संबंध डी कंपनी या किसी अन्य गैंग से नहीं है। सिर्फ हमें बदनाम करने कि कोशिश की जा रही है क्यों कि मैं सामाजिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाता हूं।
रवि पुजारी के बारे में कहा जाता है कि वो गोली बारी कर फिल्मी दुनियां के लोगो पर दशहत पैदा करने की कोशिश करता है। पुलिस का कहना है कि मुंबई में अंडरवर्ल्ड का वो दबदबा नहीं रहा जो पहले हुआ करता था।

सांसद की अय्याशी

हरियाणा के सिरसा संसदीय सीट से कांग्रेस सांसद आत्मा सिंह गिल को पुलिस ने सिरसा के एक गेस्ट हाउस से दो कॉल गर्ल के साथ रंगे हाथ पकड़ा और हिरासत में ले लिया। ये लोग पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस से हिरासत में लिये गये. पकड़े गये सांसद का कहना है कि दोनों लड़कियां कॉल गर्ल्स नहीं हैं बल्कि उनकी रिश्तेदार हैं। उन्हें रिहा भी कर दिया गया क्योंकि इस तरह के मामले में कोई केस नहीं बनता है। ये अपनी मर्जी से सेक्स का मामला है।
बहरहाल, जैसे हीं लोगो को मालूम चला कि सांसद महोदय अय्याशी करने के लिये दो लड़कियों के साथ गेस्ट हाउस पहुंचे हैं लोगों ने गेस्ट हाउस को घेर लिया। गेस्ट हाउस के रजिस्टर में सांसद गिल का नाम भी नहीं था। मालूम चला है कि वे गेस्ट हाउस में जबरदस्ती घूस आये।गेस्ट हाउस के बाहर जबरदस्त हंगामे के कारण पुलिस को भी आना पड़ा। अब यह मामला धीरे धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। विरोध दलों ने सांसद गील से इस्तीफे की मांग की है।