
Friday, 23 November 2007
कम कपड़े पहन पैसा कमाने वाले मॉडलों पर प्रतिबंध क्यों नहीं ?
फिल्म हीरोईन बिपाशा बसु को एशिया की सबसे सेक्सी महिला चुना गया है। ये दावा है ब्रिटिश पत्रिका ‘ईस्टर्न आई’ का। बिपाशा कम कपड़े पहन कर धमाल करती रहती हैं। लोग उसे सेक्सी गर्ल कहते हैं। बिपाशा कम कपडे पहन कर पैसा कमाती रहती है। वे कम कपड़े पहने लेकिन अपने घर में तो किसी को एतराज नहीं होगा। लेकिन टीवी और पत्रिकाओं के लिये जो शॉट्स देती हैं उसे क्या कहेंगे? कुछ लोग उसे वेश्यावृति का हीं एक हिस्सा मानता हैं। बारबालाओं के डांस पर रोक तो लगायी जा सकती है लेकिन बिपाशा जैसी मॉडल पर रोक लगाना किसी सरकार की बस मे नहीं क्योंकि मंत्री या अधिकारी बनते हीं लोग हाई प्रोफाइल हो जातें हैं। उन्हें लगता है कि फाइव स्टार जैसे हॉटल में साक्षात्कार डांस देखने का मौका उन्हें भी मिल जायेगा। एक नज़र एशिया की सबसे सेक्सी महिला पर ..


न्यायलय पर आंतकवादी हमला, 11 की मौत
उत्तर प्रदेश के तीन के शहरों लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद में जबरदस्त धमाके से 11 की मौत हो गई और 35 से अधिक लोग घायल हैं।। इस घटना के बाद चारो ओर अफरातफरी का माहौल है। इन धमाकों में साइकिल बम का इस्तेमाल किया गया है। अनुमान लगया जा रहा है कि साइकिल में रखे काले बैग के अंदर विस्फोटक था जिसे टाइमर के मार्फत विस्फोट किया गया। क्योंकी तीनों धमाके पांच मिनट के अंतराल पर हुई। धमाका 1:15 बजे से लेकर 1:20 के बीच हुई । ये धमाके कोर्ट परिसर में की गई है। माना जा रहा है कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में पकड़े गये आंतकवादियों से सीधे इनके संपर्क हैं। अदालत में पेशी के दौरान वकीलों ने आंतकवादियों की पिटाई कर दी थी ये धमाक उसी का बदला बताया जा रहा है। बहरहाल ये मामला उत्तर प्रदेश एसटीएफ को सौंप दिया गया है। और देश की राजधानी दिल्ली सहित प्रमख शहरों में सुरक्षा व्यवस्थ बढा दी गई है।
Wednesday, 21 November 2007
क्या ये वेश्यावृति नहीं है ?
‘मैक्सिम’ पत्रिका ने याना की तस्वीर कवर पृष्ट पर प्रकाशित किया है और उनके ये तस्वीर काफी चर्चित हैं बाजार में। प्रकाशित उनका साक्षात्कार काफी हॉट है। याना इन दिनों लंदन में है और मैक्सिम पत्रिका के लिये हॉट तस्वीरें खीचवा रही है। याना का मानना है कि लंदन हॉट तस्वीरें खींचवाने के लिये दुनियां में उपयुक्त जगह है। भारतीय मॉडल कम कपड़े पहनने में महारत हासिल कर रहीं हैं। उन्हें आम लोगों के सामने सेक्सी प्रदर्शन करना अच्छा लगता है। देश- दुनियां की गरीब लड़कियां जिश्म के धंधे में पकड़ी जाती हैं तो उन्हें जो सामाजिक बहिष्कार झेलना पड़ता है।पुलिस भी परेशान करती है। लेकिन इन तथाकथित नामी मॉडल का क्या करेंगे जो अंग प्रदर्शन कर धन कमा रहीं हैं। देखिये नीचे दिये गये तस्वीर में।


Tuesday, 20 November 2007
हिल्टन मुसीबत में सेक्स टेप के कारण
अमेरिकी मॉडल एवं हिल्टन होटल समूह की उत्तराधिकारी पेरिस हिल्टन ने जेल की सजा काटने के बाद भले ही विवादों से दूर रहने की कसम खाई हो लेकिन एक सेक्स टेप के चलते वह एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं।एक वेबसाइट द्वारा इंटरनेट पर जारी एक फुटेज में हिल्टन एक बड़े बाथ-टब में नहाते हुये पानी से खेल रही हैं। हिल्टन ने वेबसाइट के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।


सौजन्य - आईएएनएस
Thursday, 1 November 2007
पत्रकारों की पिटाई पटना में
पटना - जनता दल (यूनाइटेट) के विधायक अनंत सिंह और उसके गुंडों ने अपने घर पर कुछ पत्रकारों की जमकर पिटाई की। एक लड़की के दैहिक शोषण और उसकी हत्या के मामले में अंनत सिंह के घर प्रतिक्रिया लेने गये एनडीटीवी के संवाददाता प्रकाश सिंह और कैमरामेन हबीब अली के साथ पहले गालीगलौज की गई फिर जमकर मारा पीटा गया।इतना हीं नहीं उनके घर पर जमा हुये पत्रकारों को भी पीटा गया। लोग इधर उधर भाग रहे थे।पत्रकारों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया। घायल पत्रकारों को हॉस्पीटल में दाखिल करा दिया गया है। इस मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने कल बिहार बंद का एलान किया है। राजनीतिक दलों के बंद का एलान और पत्रकारों के दबाव के कारण अंनत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। विधायक अनंत सिंह उन बाहुबलियों में से एक हैं जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के क़रीबी माने जाते हैं। पटना के मौकामा जैसे इलाके में अंनत की तूती बोलती है। इतना अधिक भय है कि पुलिस भी इसपर या इसके गुंडो पर हाथ डालने से डरती है। कई अपराधिक मामले दर्ज हैं लेकिन कोई कुछ नहीं कर पाता है अंनत सिंह का ।
पिछले दिनों रेशमा नामक एक लड़की ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधान सभा में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी सहित कई राजनीतिज्ञों को पत्र लिखकर जदयू विधायक अनंत सिंह, मुकेश सिंह और विपिन सिन्हा के खिलाफ नौकरी देने के नाम पर दैहिक शोषण का आरोप लगाया था। इसी बीच पटना के हीं शास्त्री नगर में कल शाम लड़की की लाश मिलने से सनसनी फैल गई । बताया जा रहा है कि यह लाश उसी लड़की की है जिसने अंनत सिंह और उसके दोस्तों पर आरोप लगाई थी लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है । बताया जा रहा है कि सताधारी विधायक होने के नाते पुलिस अंनत सिंह को बचाने में लगी हुई है।
पिछले दिनों रेशमा नामक एक लड़की ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधान सभा में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी सहित कई राजनीतिज्ञों को पत्र लिखकर जदयू विधायक अनंत सिंह, मुकेश सिंह और विपिन सिन्हा के खिलाफ नौकरी देने के नाम पर दैहिक शोषण का आरोप लगाया था। इसी बीच पटना के हीं शास्त्री नगर में कल शाम लड़की की लाश मिलने से सनसनी फैल गई । बताया जा रहा है कि यह लाश उसी लड़की की है जिसने अंनत सिंह और उसके दोस्तों पर आरोप लगाई थी लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है । बताया जा रहा है कि सताधारी विधायक होने के नाते पुलिस अंनत सिंह को बचाने में लगी हुई है।
Monday, 29 October 2007
स्कूल के दो दोस्त - एक बना कानून का रखवाला दूसरा अंडरवर्ल्ड डॉन
मुंबई अंडरवर्लड के सबसे बडे डॉन दाऊद इब्राहिम को उसी के एक सहपाठी ने नाकों चने चबवाये। मुंबई के उर्दू मीडियम स्कूल में दाऊद ने करीब 6 साल तक उसके साथ
पढाई की थी।मैट्रिक पास करने के बाद दाऊद ने गुनाह की राह पकडी, जबकि उसके सहपाठी कादर खान ने पुलिस में अपना करियर बनाया। इंस्पेक्टर कादर खान से बातचीत की जीतेन्द्र दीक्षित ने – एक रिपोर्ट - हम मिले दाऊद के सहपाठी से जो अब भी पुलिस महकमें में है और दाऊद के सबसे बडे दुश्मनों में से एक है।उसने हमें बताया दाऊद के बचपन के दिनों से जुडी कई सारी बातें, जो इस डॉन का एक अलग ही चेहरा पेश करतीं हैं। हम दाऊद के टीचर से भी मिलें और उन्होने जो बातें हमें बताईं उसे सुनकर आप सोचेंगे कि क्या ये वही शख्स है, जिसे आज दुनिया के सबसे खतरनाक आदमियों में गिना जाता है।उन्होने साथ साथ पढाई की, टीचर की डांट खाई, खेले कूदे, लेकिन आज वे है एक दूसरे के जानी दुश्मन। ये कहानी है अंडरवर्लड डॉन दाऊद इब्राहिम और स्कूली दिनों में उसके साथी कादर खान की। जहां दाऊद आज गुनाह की दुनिया में बहुत बडा नाम बन चुका है, वहीं कादर खान मुंबई पुलिस में एक सीनियर इंस्पेक्टर है। वैसे मुंबई पुलिस में डी कंपनी के तमाम दुश्मन हैं, लेकिन कादर खान एक ऐसा इंस्पेक्टर है, जिसे दाऊद शायद ही भूल पाये।अंडरवर्लड के खूनी खेल में पुलिस और दुश्मन गिरोहों से निपटने के लिये दाऊद इब्राहिम ने शूटरों की फौज खडी कर रखी थी और इन्ही शूटरों के ट्रेनिंग देने के लिये उसने नियुक्त किया था खुद पुलिस का ही एक आदमी और वो भी पुलिस का एक ऐसा आदमी जो मुंबई पुलिस के हथियार खाने में काम करता था और तमाम तरह के हथियार चलाना जानता था।सीनियर इंस्पेक्टर कादर खान। मुंबई के वडाला पुलिस थाने के इचार्ज। पुलिस महकमें में अपने करियर के दौरान इन्होने कई अपराधों की गुत्थियां सुलझाईं हैं और इनके काम के लिये इन्हें राष्ट्रपति पदक भी मिल चुका है। पर कादर खान की मुंबई पुलिस में एक और पहचान भी है। ये पहचान है अंडरवर्लड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहपाठी के रूप में। दाऊद के साथ दक्षिण मुंबई के अहमद सेलर स्कूल में इन्होने 6 साल तक पढाई की...पर पुलिस महकमें में मौजूद अपने इस पुराने साथी से दाऊद कोई फायदा नहीं उठा सका। उलटा कादर खान ने दाऊद गिरोह के शूटरों को ट्रेनिंग देने वाले अपने ही महकमें के एक कांस्टेबल को खत्म कर दाऊद को एक करारा झटका दिया। दाऊद के लिये काम करने वाला ये कांस्टेबल था राजेश इगवे उर्फ राजू।अंडरवर्लड के खूनी खेल में पुलिस और दुश्मन गिरोहों से निपटने के लिये दाऊद इब्राहिम ने शूटरों की फौज खडी कर रखी थी और इन्ही शूटरों के ट्रेनिंग देने के लिये उसने नियुक्त किया था खुद पुलिस का ही एक आदमी और वो भी पुलिस का एक ऐसा आदमी जो मुंबई पुलिस के हथियार खाने में काम करता था और तमाम तरह के हथियार चलाना जानता था।-जी हां राजू की पोस्टिंग मुंबई पुलिस के हथियार खाने में की गई थी। कहने को तो राजू एक पुलिस वाला था, लेकिन उसकी खाकी वर्दी के पीछे छुपा था एक खतरनाक अपराधी। पुलिस की नौकरी से मिलने वाला साधारण वेतन इगवे की अय्यशियों को पूरा सकरने के लिये कम पडता था। शराब और शबाब के शौकीन इगवे को चाहिये थी ऊपरी कमाई और उसकी इसी कमजोरी का फायदा उठाया दाऊद इब्राहिम ने। दाऊद जानता था कि राजू को पिस्तौल और रिवॉल्वर से लेकर राईफल, मशीन गन और एके 47 जैसे तमाम अत्याधुनिक हथियार चलाने आते हैं। दाऊद के लिये ये आदमी बडे काम का था। 1991 में दाऊद का एक शूटर माया डोलस मुंबई के लोखंडवाला इलाके में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। दाऊद चाहता था कि उसके शूटर दुश्मन गिरोह के शूटरों को तो ठिकाने लगाने में सक्षम हों हीं, जरूरत पडने पर पुलिस वालों पर भी गोलियां बरसाने के काबिल हों। इसी इरादे से मोटी रकम पर उसने राजू इगवे की भर्ती कर ली। इगवे को जिम्मेदारी दी गई डी कंपनी के शूटरों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने की।इस काम के लिये उसने जगह चुनी संजय गांधी नेशनल पार्क के जंगलों को।जिस दौरान राजू इगवे, दाऊद के शूटरों को ट्रेनिंग दे रहा था, उस वक्त कादर खान मुंबई पुलिस की क्राईम ब्रांच में थे। कादर खान मुंबई के उसी नागपाडा इलाके में पले बढे थे, जहां दाऊद का बचपन बीता और जहां से दाऊद उस वक्त भी अपनी आपराधिक गतिविधियां चला रहा था।कादर खान को दाऊद के इस नये ट्रेनर के बारे में पता चला और वे उसके पीछे लग गये। इसी दौरान खान को टिप मिली कि राजू इगवे से दाऊद सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं करवा रहा है, बल्कि उसे दाऊद ने एक बडा मिशन भी सौंप रखा था। ये मिशन था 3 लोगों की हत्या का। ये तीनो लोग थे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और 1993 के मुंबई बमकांड की तहकीकात कर रहे अफसर एम एन सिंह और राकेश मारिया।...पर इससे पहले कि इगवे अपने इस मिशन में कामियाब हो पता वो कादर खान के जाल में फंस गया। 17 नवंबर 1995 में को एक मुठभेड में कादर खान की रिवॉल्वर से निकली गोलियों ने इगवे को छलनी कर दिया।भले ही कादर खान ने दाऊद गिरोह का भारी नुकसान किया हो, लेकिन दाऊद का सहपाठी होना वे अपने लिये एक कलंक मानते हैं। उनके मुताबिक दाऊद का सहपाठी होने की वजह से उन्हे हमेशा शक की नजरों से देखा जाता रहा और कभी कोई संवेदनशील पोस्टिंग नहीं दी गई।वैसे तो दाऊद के सैकडों शूटरों को मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अफसर एनकाउंटर्स में ढेर कर चुके हैं, लेकिन दाऊद ने शायद ही सोचा हो कि खुद उसका एक सहपाठी गुनाह की राह में उसके लिये कांटा बनकर उभरेगा।
पढाई की थी।मैट्रिक पास करने के बाद दाऊद ने गुनाह की राह पकडी, जबकि उसके सहपाठी कादर खान ने पुलिस में अपना करियर बनाया। इंस्पेक्टर कादर खान से बातचीत की जीतेन्द्र दीक्षित ने – एक रिपोर्ट - हम मिले दाऊद के सहपाठी से जो अब भी पुलिस महकमें में है और दाऊद के सबसे बडे दुश्मनों में से एक है।उसने हमें बताया दाऊद के बचपन के दिनों से जुडी कई सारी बातें, जो इस डॉन का एक अलग ही चेहरा पेश करतीं हैं। हम दाऊद के टीचर से भी मिलें और उन्होने जो बातें हमें बताईं उसे सुनकर आप सोचेंगे कि क्या ये वही शख्स है, जिसे आज दुनिया के सबसे खतरनाक आदमियों में गिना जाता है।उन्होने साथ साथ पढाई की, टीचर की डांट खाई, खेले कूदे, लेकिन आज वे है एक दूसरे के जानी दुश्मन। ये कहानी है अंडरवर्लड डॉन दाऊद इब्राहिम और स्कूली दिनों में उसके साथी कादर खान की। जहां दाऊद आज गुनाह की दुनिया में बहुत बडा नाम बन चुका है, वहीं कादर खान मुंबई पुलिस में एक सीनियर इंस्पेक्टर है। वैसे मुंबई पुलिस में डी कंपनी के तमाम दुश्मन हैं, लेकिन कादर खान एक ऐसा इंस्पेक्टर है, जिसे दाऊद शायद ही भूल पाये।अंडरवर्लड के खूनी खेल में पुलिस और दुश्मन गिरोहों से निपटने के लिये दाऊद इब्राहिम ने शूटरों की फौज खडी कर रखी थी और इन्ही शूटरों के ट्रेनिंग देने के लिये उसने नियुक्त किया था खुद पुलिस का ही एक आदमी और वो भी पुलिस का एक ऐसा आदमी जो मुंबई पुलिस के हथियार खाने में काम करता था और तमाम तरह के हथियार चलाना जानता था।सीनियर इंस्पेक्टर कादर खान। मुंबई के वडाला पुलिस थाने के इचार्ज। पुलिस महकमें में अपने करियर के दौरान इन्होने कई अपराधों की गुत्थियां सुलझाईं हैं और इनके काम के लिये इन्हें राष्ट्रपति पदक भी मिल चुका है। पर कादर खान की मुंबई पुलिस में एक और पहचान भी है। ये पहचान है अंडरवर्लड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहपाठी के रूप में। दाऊद के साथ दक्षिण मुंबई के अहमद सेलर स्कूल में इन्होने 6 साल तक पढाई की...पर पुलिस महकमें में मौजूद अपने इस पुराने साथी से दाऊद कोई फायदा नहीं उठा सका। उलटा कादर खान ने दाऊद गिरोह के शूटरों को ट्रेनिंग देने वाले अपने ही महकमें के एक कांस्टेबल को खत्म कर दाऊद को एक करारा झटका दिया। दाऊद के लिये काम करने वाला ये कांस्टेबल था राजेश इगवे उर्फ राजू।अंडरवर्लड के खूनी खेल में पुलिस और दुश्मन गिरोहों से निपटने के लिये दाऊद इब्राहिम ने शूटरों की फौज खडी कर रखी थी और इन्ही शूटरों के ट्रेनिंग देने के लिये उसने नियुक्त किया था खुद पुलिस का ही एक आदमी और वो भी पुलिस का एक ऐसा आदमी जो मुंबई पुलिस के हथियार खाने में काम करता था और तमाम तरह के हथियार चलाना जानता था।-जी हां राजू की पोस्टिंग मुंबई पुलिस के हथियार खाने में की गई थी। कहने को तो राजू एक पुलिस वाला था, लेकिन उसकी खाकी वर्दी के पीछे छुपा था एक खतरनाक अपराधी। पुलिस की नौकरी से मिलने वाला साधारण वेतन इगवे की अय्यशियों को पूरा सकरने के लिये कम पडता था। शराब और शबाब के शौकीन इगवे को चाहिये थी ऊपरी कमाई और उसकी इसी कमजोरी का फायदा उठाया दाऊद इब्राहिम ने। दाऊद जानता था कि राजू को पिस्तौल और रिवॉल्वर से लेकर राईफल, मशीन गन और एके 47 जैसे तमाम अत्याधुनिक हथियार चलाने आते हैं। दाऊद के लिये ये आदमी बडे काम का था। 1991 में दाऊद का एक शूटर माया डोलस मुंबई के लोखंडवाला इलाके में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। दाऊद चाहता था कि उसके शूटर दुश्मन गिरोह के शूटरों को तो ठिकाने लगाने में सक्षम हों हीं, जरूरत पडने पर पुलिस वालों पर भी गोलियां बरसाने के काबिल हों। इसी इरादे से मोटी रकम पर उसने राजू इगवे की भर्ती कर ली। इगवे को जिम्मेदारी दी गई डी कंपनी के शूटरों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने की।इस काम के लिये उसने जगह चुनी संजय गांधी नेशनल पार्क के जंगलों को।जिस दौरान राजू इगवे, दाऊद के शूटरों को ट्रेनिंग दे रहा था, उस वक्त कादर खान मुंबई पुलिस की क्राईम ब्रांच में थे। कादर खान मुंबई के उसी नागपाडा इलाके में पले बढे थे, जहां दाऊद का बचपन बीता और जहां से दाऊद उस वक्त भी अपनी आपराधिक गतिविधियां चला रहा था।कादर खान को दाऊद के इस नये ट्रेनर के बारे में पता चला और वे उसके पीछे लग गये। इसी दौरान खान को टिप मिली कि राजू इगवे से दाऊद सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं करवा रहा है, बल्कि उसे दाऊद ने एक बडा मिशन भी सौंप रखा था। ये मिशन था 3 लोगों की हत्या का। ये तीनो लोग थे शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और 1993 के मुंबई बमकांड की तहकीकात कर रहे अफसर एम एन सिंह और राकेश मारिया।...पर इससे पहले कि इगवे अपने इस मिशन में कामियाब हो पता वो कादर खान के जाल में फंस गया। 17 नवंबर 1995 में को एक मुठभेड में कादर खान की रिवॉल्वर से निकली गोलियों ने इगवे को छलनी कर दिया।भले ही कादर खान ने दाऊद गिरोह का भारी नुकसान किया हो, लेकिन दाऊद का सहपाठी होना वे अपने लिये एक कलंक मानते हैं। उनके मुताबिक दाऊद का सहपाठी होने की वजह से उन्हे हमेशा शक की नजरों से देखा जाता रहा और कभी कोई संवेदनशील पोस्टिंग नहीं दी गई।वैसे तो दाऊद के सैकडों शूटरों को मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अफसर एनकाउंटर्स में ढेर कर चुके हैं, लेकिन दाऊद ने शायद ही सोचा हो कि खुद उसका एक सहपाठी गुनाह की राह में उसके लिये कांटा बनकर उभरेगा। Sunday, 28 October 2007
कम उम्र की लड़की की मर्जी से सेक्स करना बलात्कार माना जायेगा
लड़कियों की रक्षा के लिये ठोस कदम उठाते हुये, देश के उच्चतम न्यायलय ने कहा है कि 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ उसकी मर्जी से भी सेक्स करना
बलात्कार की श्रेणी में आएगा। यदि आप जोर जबरदस्ती के अलावा किसी ऐसी लड़की से प्यार करते हैं और उसकी उम्र 16 साल से कम है और उसके साथ सेक्स करते हैं, भले हीं उसमें लड़की की भी मर्जी हो तो भी आपको बलात्कार के मामले में सजा काटना होगा। इसके अलावा न्यायलय ने एक व्यवस्था और दी है कि किसी व्यक्ति को वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी तभी माना जाएगा जब वह खुद शारीरिक संबंध न बनाकर लड़की को किसी दूसरे व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर करता है। और यह मामला आईपीसी की धारा 366 ए के तहत आयेगा। यह मामला जुडा है केरल से जहां एक आरोपी को नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में केरल के सेशन कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई थी।उल्लेखनीय है कि वह लड़की अपनी मर्जी से आरोपी लड़के के साथ फरार हुई थी। लेकिन वहां की निचली अदालत ने बलात्कार के साथ ही उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी भी पाया था। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उसे सिर्फ बलात्कार का दोषी पाया। लड़की उम्र 16 साल से कम थी।
बलात्कार की श्रेणी में आएगा। यदि आप जोर जबरदस्ती के अलावा किसी ऐसी लड़की से प्यार करते हैं और उसकी उम्र 16 साल से कम है और उसके साथ सेक्स करते हैं, भले हीं उसमें लड़की की भी मर्जी हो तो भी आपको बलात्कार के मामले में सजा काटना होगा। इसके अलावा न्यायलय ने एक व्यवस्था और दी है कि किसी व्यक्ति को वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी तभी माना जाएगा जब वह खुद शारीरिक संबंध न बनाकर लड़की को किसी दूसरे व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने को मजबूर करता है। और यह मामला आईपीसी की धारा 366 ए के तहत आयेगा। यह मामला जुडा है केरल से जहां एक आरोपी को नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में केरल के सेशन कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई थी।उल्लेखनीय है कि वह लड़की अपनी मर्जी से आरोपी लड़के के साथ फरार हुई थी। लेकिन वहां की निचली अदालत ने बलात्कार के साथ ही उसे वेश्यावृत्ति में धकेलने का दोषी भी पाया था। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उसे सिर्फ बलात्कार का दोषी पाया। लड़की उम्र 16 साल से कम थी।
Subscribe to:
Comments (Atom)









